Rajnikant के बारे में 10 बातें

रजनीकांत भारतीय सिनेमा में एक ऐसा नाम है जिन्हें किसी भी प्रकार के परिचय की आवश्यकता नही है. रजनीकांत को उनके समर्थक “थलाईवा” कह भी कर पुकारते हैं. उन्होंने अपनी मेहनत और जूनून से खुद को भारत में ही नही बल्कि पुरे विश्वभर में खुद की स्थापित किया है. दक्षिण फिल्मो के सुपरस्टार ने खुद को जमीन से आसमान तक पहुचाया है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत के बस कंडक्टर में रूप में की थी और वर्तमान में उनकी गणना भारत के प्रतिभाशाली व्यक्तियों में की जाती है. उन्होंने कड़ी मेहनत और लग्न से बस कंडक्टर से एक प्रसिद्ध अभिनेता का सफ़र बड़े संघर्ष के बाद तय किया है. उनके पिता का नाम रामोजी राव गायकवाड़, मैसूर राज्य में बैंगलोर में एक पुलिस कांस्टेबल के रूप में काम करते हैं। उनकी माता का नाम रमाबाई था, जो एक गृहिणी थी. माँ की मौत के बाद उन्होंने कठिनाई से भरे दिन देखे है. तमिल उद्योग में शामिल होने के बाद, उन्होंने कभी पीछे मुडकर नही देखा और कामयाबी के आसमान को छु लिया.

उन्होंने अंधा कानून, इंसाफ कौन करेगा, बेवफ़ाई, भगवान दादा, भ्रष्टाचार, फूल बने अंगारे, इंसानियत के देवता, आगाज़, बिल्ला, अन्नामलाई, बाशा, चंद्रमुखी, शिवाजी द बॉस, रोबोट, कबाली और 2.0 सहित कई हिंदी , तमिल और बंगाली फिल्मो में अभिनय किया है. फिल्मो में अभिनय और अन्य गतिविधियों के लिए उन्हें पदम् भूषण सहित कई पुरुस्कारों से नवाजा गया है. एशियाविक द्वारा रजनीकांत को दक्षिण एशिया का सबसे प्रभावशाली व्यक्ति घोषित किया गया था.

उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं कि दक्षिण में उनके प्रशंसको ने उनके लिए एक विशेष मंदिर का निर्माण किया हैं. आज भी जब बड़े परदे पर रजनीकांत की फिल्म में एंट्री होती है तो लोग थलाईवा-थलाईवा चिल्लाने लगते हैं, जिसका मतलब ‘बॉस’ होता हैं. इस पोस्ट में रजनीकांत के जीवन से जुड़े टॉप 10 रोचक तथ्य का उल्लेख है, जो उन्हें भारत के टॉप अभिनेताओ की सूची में स्थापित करते है.

किंवदंती रजनीकांत के बारे में टॉप 10 रोचक तथ्य-

Rajinikanth

  1. रजनीकांत का जन्म बैंगलोर में रहने वाले महाराष्ट्रीयन परिवार में हुआ था, मराठा राजकुमार राजा छत्रपति शिवाजी के बाद उनका नाम शिवाजी राव गायकवाड़ रखा गया । वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटे हैं। रजनीकान्त जब पांच साल के थे तब उनकी माता का निधन हो गया था. उस वक़्त उनके परिवार को कठिन दौर से गुजरना पड़ा था. उस दौरान, उन्होंने कुली का काम किया था. उसके अलावा, फिल्म इंडस्ट्री में नाम कमाने से पहले उन्होंने बैंगलोर ट्रांसपोर्ट सर्विस में बस कंडक्टर के रूप में भी काम किया है. उन्होंने कंडक्टर के रूप में बैंगलोर ट्रांसपोर्ट सेवा में काम करते हुए नाटक में प्रदर्शन करना शुरू किया।
  2. उनका परिवार एक प्रदर्शन संस्थान में शामिल होने के उनके फैसले का पूरी तरह से समर्थन नहीं कर रहा था. रजनीकांत के खास दोस्त राज बहादुर है, जो आज भी उनके साथ नज़र आते है. रजनीकांत को सबसे पहले राज बहादुर ने ही अभिनेता बनने के लिए प्रेरित किया, और सपनो का पीछा करने के लिए कहा था. राज बहादुर ने उन्हें मद्रास फिल्म संस्थान में दाखिला लेने के लिए कहा। उन्होंने अपने प्रदर्शन करियर की शुरुआत पौराणिक कन्नड़ नाटकों से की थी। उनकी सबसे प्रमुख भूमिका दुर्योधन की थी।
  3. रजनीकांत एक मंचीय नाटक में अभिनय कर रहे थे और तमिल फिल्म निर्देशक के. बालाचंदर ने उन्हें वहा अभिनय करते देखा। निर्देशक ने उन्हें तमिल बोलने के लिए सीखने की सलाह दी, रजनीकांत ने जल्दी से उनकी बात का पालन किया था।
  4. रजनीकांत ने बालाचंदर के अपूर्व रागंगल के साथ तमिल फिल्म उद्योग में अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसमें कमल हासन और श्रीविद्या ने भी अभिनय किया। पहली बार फिल्म फ्रेम में उन्होंने एक अशुभ प्रदर्शन ‘अबस्वरम’ किया।
  5. व्यावसायिक रूप से सफल फ़िल्मों में खुद को मुख्य अभिनेता के रूप में स्थापित करने के बाद, उन्हें एक “सुपरस्टार” के रूप में जाना जाने लगा और फिर से एक मूर्ति की स्थिति और तमिलनाडु की लोकप्रिय संस्कृति में अनुसरण की जाने वाली प्रेरणा बने रहे। उन्होंने यह भी निर्दिष्ट किया है कि उनकी सबसे बड़ी प्रतिभा उनकी ऊर्जा और गति है।
  6. ग्रे शेड्स के साथ कई नकारात्मक भूमिकाएं और किरदार निभाने के बाद, रजनीकांत की पहली सकारात्मक भूमिका एस पी मुथुरमन की भुवन ओरु केल्वेकुरी में थी। इसके बाद उन्होंने निर्देशक मुथुरमन के साथ 25 फिल्मों में काम किया। उन्होंने एक निर्माता और पटकथा लेखक के रूप में भी काम किया है। अपने फिल्मी करियर के अलावा, वह एक परोपकारी और अध्यात्मवादी भी हैं.
  7. रजनीकांत ने शंकर के साथ साइंस फिक्शन फिल्म के लिए काम किया। 2010 में, यह फिल्म दुनिया भर में भारतीय फिल्म के रूप में रिलीज हुई थी, जो उस समय में भारत में दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई थी। सूत्रों के अनुसार, रजनीकांत को फिल्म के लिए 45 करोड़ का पारिश्रमिक दिया गया था. उस एकल फिल्म के लिए 2015 में यूएस $ 9.2 मिलियन है।
  8. 2014 में अपना पहला आधिकारिक वेब खाता खोलने के बाद, रजनीकांत को 24 घंटे के भीतर 210,000 से अधिक अनुयायी प्राप्त हुए। द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार इसे सोशल मीडिया रिसर्च फर्मों द्वारा किसी भी भारतीय सेलिब्रिटी के लिए अनुयायियों की सबसे तेज दर के रूप में समझा गया, साथ ही उन्हें दुनिया में टॉप -10 की सूची में भी शामिल किया गया। उन्हें फोर्ब्स इंडिया द्वारा वर्ष 2010 के सबसे प्रभावशाली भारतीय के रूप में नामित किया गया था
  9. रजनीकांत को उनकी कई फिल्मों के लिए तमिल भाषा में कई प्रतिष्ठित मिले हैं। उन्हें अपना पहला फ़िल्मफ़ेयर अवार्ड 1984 में सर्वश्रेष्ठ तमिल अभिनेता के लिए नल्लवनुकु नालवन के लिए मिला। भारत सरकार ने उन्हें 2000 में पद्म भूषण से सम्मानित किया. दिसंबर 2013 में, उन्हें “25 ग्लोबल लिविंग लीजेंड्स” में से एक के रूप में एनडीटीवी द्वारा सम्मानित किया गया था। 2014 में, उन्हें भारत में आयोजित 45 वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में “भारतीय फिल्म व्यक्तित्व के लिए शताब्दी पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। 2011 में, उन्हें तत्कालीन भारतीय गृह राज्य मंत्री चिदंबरम द्वारा वर्ष 2010 के लिए इंटरटेनर ऑफ़ द डिकेड अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  10. रजनीकांत सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन के सिलेबस में दिखाए जाने वाले एकमात्र भारतीय अभिनेता भी हैं, जिसमे उनके बस कंडक्टर से लेकर खुद को एक भारतीय प्रसिद्ध सुपरस्टार के रूप में स्थापित करने की यात्रा का उल्लेख किया गया है.

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